Raksha Bandahn: इस साल दो बार मनाया जाएगा रक्षाबंधन! जानिए क्या है वहज?

Mahir SR
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रक्षाबंधन हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है इस त्यौहार को सभी हिंदुओं द्वारा मनाया जाता है इस त्यौहार में बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उनसे अपनी रक्षा का वादा मांगती ऐसे में भाई जब बहन को राखी बांधती है तब भाई को बहन को कुछ तोहफा भी देना पड़ता है और बहन भाई को राखी बांधने के बाद मिठाई भी खिलाती है जिसकी वजह से यह त्यौहार एक खुशियों का त्योहार कहा जाता है और सभी बहने इस त्यौहार का बेसब्री से इंतजार करती हैं ताकि वह अपने भाई को राखी बांध सकें और उनसे तोहफा ले सके

भद्रकाल में रक्षाबंधन क्यों नहीं मनाया जाता?

हिंदू धर्म के पवित्र शास्त्रों के अनुसार भद्र काल में रक्षाबंधन इसलिए नहीं मनाया जाता क्योंकि हिंदू धर्म में भद्र काल के समय किसी भी काम को करना अशुभ माना जाता है लेकिन भद्र काल के ही दिन रावण की बहन ने रावण को राखी बांधी थी और बाद में प्रभु श्री राम ने रावण का वध कर दिया था जिसकी वजह से भद्र काल के दिन रक्षाबंधन मनाना अशुभ माना जाता है और ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई भी बहन भद्र काल के दिन अपने भाई को राखी बांधती है तो उसके भाई की उम्र बढ़ने के बजाएं कम हो जाती है इसी वजह से इस दिन को अशुभ माना जाता है और इस दिन रक्षाबंधन नहीं मनाया जाता

इस साल दो दिन होगा रक्षा बंधन

हिंदू धर्म रक्षाबंधन हर साल मनाया जाता है और यह साल के अगस्त महीने में या फिर हिंदी महीने की बात करें तो यह सावन महीने में पड़ता है रक्षाबंधन को सावन महीने की पूर्णिमा में मनाया जाता है लेकिन इस बार रक्षाबंधन 2 दिनों तक चलने वाला है तो इसके पीछे की वजह यह है कि 2023 में रक्षाबंधन 30 अगस्त को पड़ने वाला है और इसे 31 अगस्त तक मनाया जाएगा यानी कि इस साल का रक्षाबंधन 30 अगस्त को 10:58 बजे शुरू होगा और 31 अगस्त सुबह 7:00 बजे खत्म हो जाएगा यानी कि इस साल का 2 दिनों तक रहेगा इसके पीछे की वजह यह है कि 30 अगस्त को 10:58 पर भद्रकाली शुरू हो जाएगा और यह 30 अगस्त की रात 9:01 पर खत्म होगा जिसकी वजह से इस साल का रक्षाबंधन 2 दिनों तक मनाया जाएगा क्योंकि भद्र काल में रक्षाबंधन बनाना अशुभ माना जाता है