Guru Purnima: आखिर क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा । गुरु पूर्णिमा मनाई जाने का कारण

Sameer SR
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जब ज्ञान की बात आती है तो सबसे पहले हमारे दिमाग में अपने गुरु की तस्वीर आती है। वे गुरु ही होते हैं जो हमे दुनिया भर के ज्ञान देते हैं। गुरु के बिना ये जीवन अधूरा है। एक गुरु तो मां होती है जो हमारे सबसे पहले ही दुनियादारी का ज्ञान देती है। उसके बाद वे गुरु आते हैं जो हमे हर तरह के ज्ञान देते हैं। गुरु की सेवा और पूजा करनी चाहिए। जैसा कि हम जानते हैं कि गुरु पूजा के योग्य है और हमे गुरु की पूजा करनी चाहिए। लेकिन ऐसी क्या वजह थी कि साल में एक बार गुरु पूर्णिमा ( Guru Purnima) मनाई जाने लगी।

गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है ( Guru Purnima Kyon Manae Jaati Hai )

आज ही के दिन ऋषि वेदव्यास के अनेक शिष्यों ने से पांच शिष्यों ने गुरु पूजा की परंपरा शुरू की थी। उन्होंने गुरु जी को उच्चासन पर बिठाकर फूलों की माला अर्पित की। उन्होंने अपने गुरु की आरती की तथा ग्रंथ अर्पित किए थे। इसी वजह से लोग आज के दिन व्यास जी के चित्र की पूजा करते हैं तथा उनके द्वारा लिखे ग्रंथों का अध्ययन करते हैं।

गुरु पूर्णिमा कब मनाई जाती है

गुरु पूर्णिमा ( Guru Purnima ) वर्षा ऋतु में ( आषाढ़ के अंत में ) मनाई जाती है। इस मौसम में गर्मी कम हो जाती है और ठंड भी ज्यादा नहीं रहती। यह मौसम अध्ययन और अध्यापन के लिए अनुकूल होता है। ऐसे मौसम में लोग अधिक समय तक ग्रंथों का पाठ कर सकते हैं। वैसे तो हमे अपने गुरु की हर दिन सेवा करनी चाहिए। लेकिन आज Guru Purnima के दिन हमे अपने गुरु की पूजा करनी चाहिए